स्तोत्र संग्रह · Mixed · Devanagari

आरती श्री चंद्रप्रभ जिन (तिजारा)

म्हारा चंद्रप्रभ जी की सुन्दर मूरत, म्हारे मन भार्इ जी || म्हारे मन भार्इ जी, म्हारे मन भार्इ जी | म्हारा चंद्रप्रभ जी की सुन्दर मूरत, म्हारे मन भार्इ जी || सावन सुदि दशमी तिथि आर्इ, प्रगटे त्रिभुवन रार्इ जी || म्हारा चं...

म्हारा चंद्रप्रभ जी की सुन्दर मूरत, म्हारे मन भार्इ जी ||
म्हारे मन भार्इ जी, म्हारे मन भार्इ जी |
म्हारा चंद्रप्रभ जी की सुन्दर मूरत, म्हारे मन भार्इ जी ||
सावन सुदि दशमी तिथि आर्इ, प्रगटे त्रिभुवन रार्इ जी ||
म्हारा चंद्रप्रभ जी की सुन्दर मूरत, म्हारे मन भार्इ जी ||
अलवर प्रांत में नगर तिजारा, दरसे देहरे मांही जी ||
म्हारा चंद्रप्रभ जी की सुन्दर मूरत, म्हारे मन भार्इ जी ||
सीता सती ने तुमको ध्याया, अग्नि में कमल रचाया जी ||
म्हारा चंद्रप्रभ जी की सुन्दर मूरत, म्हारे मन भार्इ जी ||
मैना सती ने तुमको ध्याया, पति का कुष्ट मिटाया जी ||
म्हारा चंद्रप्रभ जी की सुन्दर मूरत, म्हारे मन भार्इ जी ||
जिनमें भूत प्रेत नित आते, उनका साथ छुड़ाया जी ||
म्हारा चंद्रप्रभ जी की सुन्दर मूरत, म्हारे मन भार्इ जी ||
सोमा सती ने तुमको ध्याया, नाग का हार बनाया जी ||
म्हारा चंद्रप्रभ जी की सुन्दर मूरत, म्हारे मन भार्इ जी ||
मानतुंग मुनि तुमको ध्याया, ताले तोड़ छुड़ाया जी ||
म्हारा चंद्रप्रभ जी की सुन्दर मूरत, म्हारे मन भार्इ जी ||
जो भी दु:खिया दर पर आया, उसका कष्ट मिटाया जी ||
म्हारा चंद्रप्रभ जी की सुन्दर मूरत, म्हारे मन भार्इ जी ||
अंजन चोर ने तुमको ध्याया, शस्त्रों से अधर उठाया जी ||
म्हारा चंद्रप्रभ जी की सुन्दर मूरत, म्हारे मन भार्इ जी ||
सेठ सुदर्शन तुमको ध्याया, सूली का सिंहासन बनाया जी ||
म्हारा चंद्रप्रभ जी की सुन्दर मूरत, म्हारे मन भार्इ जी ||
समवसरण में जो कोर्इ आया, उसको पार लगाया जी ||
म्हारा चंद्रप्रभ जी की सुन्दर मूरत, म्हारे मन भार्इ जी ||
रत्न-जड़ित सिंहासन सोहे, ता पे अधर विराजे जी ||
म्हारा चंद्रप्रभ जी की सुन्दर मूरत, म्हारे मन भार्इ जी ||
तीन छत्र शीष पर सोहें, चौंसठ चंवर ढुरावें जी ||
म्हारा चंद्रप्रभ जी की सुन्दर मूरत, म्हारे मन भार्इ जी ||
ठाड़ो सेवक अर्ज करे छे, जनम मरण मिटाओ जी ||
म्हारा चंद्रप्रभ जी की सुन्दर मूरत, म्हारे मन भार्इ जी ||
भक्त तुम्हारे तुमको ध्यावें, बेड़ा पार लगाओ जी ||
म्हारा चंद्रप्रभ जी की सुन्दर मूरत, म्हारे मन भार्इ जी ||
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