स्तोत्र संग्रह · Mixed · Devanagari

भजन : चाँदनपुर के महावीर

कवि श्री मक्खन (चाल-रसिया) चाँदनपुर के महावीर! हमारी पीर हरो | टेक | जयपुर राज्य गाँव चाँदनपुर, तहाँ बनो उन्नत जिनमंदिर | निकट नदी-गम्भीर, हमारी पीर हरो | चाँदनपुर के महावीर हमारी पीर हरो ||१|| पूरब बात चली यों आवे, एक ग...

कवि श्री मक्खन
(चाल-रसिया)
चाँदनपुर के महावीर! हमारी पीर हरो | टेक |
जयपुर राज्य गाँव चाँदनपुर, तहाँ बनो उन्नत जिनमंदिर |
निकट नदी-गम्भीर, हमारी पीर हरो |
चाँदनपुर के महावीर हमारी पीर हरो ||१||
पूरब बात चली यों आवे, एक गाय चरने को जावे |
झर जाय उसका क्षीर, हमारी पीर हरो |
चाँदनपुर के महावीर हमारी पीर हरो ||२||
एक दिवस मालिक संग आयो, देख गाय टीलो खुदवायो |
खोदत भयो अधीर, हमारी पीर हरो |
चाँदनपुर के महावीर हमारी पीर हरो ||३||
रैन माँहि तब सुपनो दीनों, धीरे-धीरे खोद जमीनो |
इसमें है तस्वीर, हमारी पीर हरो |
चाँदनपुर के महावीर हमारी पीर हरो ||४||
प्रात होत फिर भूमि खुदार्इ, वीर जिनेश्वर प्रतिमा पार्इ |
भर्इ इकट्ठी भीड़, हमारी पीर हरो |
चाँदनपुर के महावीर हमारी पीर हरो ||५||
तब ही से हुआ मेला जारी, होय भीड़ हर साल करारी |
चैत मास आखीर, हमारी पीर हरो |
चाँदनपुर के महावीर हमारी पीर हरो ||६||
लाखों मीना गूजर आवें, नाचें गावें गीत सुनावें |
जय बोलें महावीर, हमारी पीर हरो |
चाँदनपुर के महावीर हमारी पीर हरो ||७||
जुडें हजारों जैनी भार्इ, पूजन पाठ करें सुखदार्इ |
मन वच तन धरि धीर, हमारी पीर हरो |
चाँदनपुर के महावीर हमारी पीर हरो ||८||
छत्र चमर सिंहासन लावें, भरि भरि घृत के दीप जलावें |
बोलें जै गम्भीर, हमारी पीर हरो |
चाँदनपुर के महावीर हमारी पीर हरो ||९||
जो कोर्इ सुमरे नाम तुम्हारा, धन संतान बढ़े व्यौपारा |
होय निरोग शरीर, हमारी पीर हरो |
चाँदनपुर के महावीर हमारी पीर हरो ||१०||
‘मक्खन’ शरण तुम्हारी आयो, पुण्य योग से दर्शन पायो |
खुली आज तकदीर, हमारी पीर हरो |
चाँदनपुर के महावीर! हमारी पीर हरो ||११||
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