JainSudha संग्रह
मूल ग्रंथ पाठ
साइट पर पूर्ण और खोजयोग्य रूप में पढ़ने योग्य दिगम्बर जैन मूल ग्रंथ और ऐतिहासिक अनुवाद।
3 सामग्री
पाठ
मुक्त लाइसेंस
आचार्य अमृतचन्द्र
आचार्य अमृतचन्द्र विरचित पुरुषार्थसिद्ध्युपाय (जिनप्रवचनरहस्यकोष) के 226 श्लोकों का पूर्ण, अनुभागबद्ध और खोजयोग्य मूल संस्कृत पाठ।
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पाठ
अनुमति प्राप्त
आचार्य नेमिचन्द्र सिद्धान्तचक्रवर्ती; अंग्रेजी अनुवाद: Sarat Chandra Ghoshal (1917)
आचार्य नेमिचन्द्र सिद्धान्तचक्रवर्ती के द्रव्यसंग्रह का Sarat Chandra Ghoshal कृत 1917 अंग्रेजी अनुवाद—सभी 58 पद्य, तीन अध्ययन-भागों में।
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पाठ
मुक्त लाइसेंस
आचार्य उमास्वामी (उमास्वाति)
आचार्य उमास्वामी (उमास्वाति) विरचित तत्त्वार्थसूत्र के दस अध्यायों का पूर्ण, अनुभागबद्ध और खोजयोग्य संस्कृत पाठ।
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