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स्वाध्याय का सरल मार्ग

मूल मंत्र से तत्त्वज्ञान तक—अपनी गति से पढ़ने के लिए एक स्पष्ट शुरुआती क्रम।

  • पहला चरण: णमोकार मंत्र, देव-शास्त्र-गुरु और दैनिक मंगल पाठ।
  • दूसरा चरण: छह द्रव्य, सात तत्त्व, नव पदार्थ और रत्नत्रय का परिचय।
  • तीसरा चरण: तत्त्वार्थसूत्र, समयसार, प्रवचनसार और अन्य मूल ग्रंथों का अध्ययन।
  • किसी धार्मिक निर्णय या शंका के लिए योग्य दिगम्बर जैन गुरु या विद्वान से मार्गदर्शन लें।