JainSudha
स्वाध्याय का सरल मार्ग
मूल मंत्र से तत्त्वज्ञान तक—अपनी गति से पढ़ने के लिए एक स्पष्ट शुरुआती क्रम।
- पहला चरण: णमोकार मंत्र, देव-शास्त्र-गुरु और दैनिक मंगल पाठ।
- दूसरा चरण: छह द्रव्य, सात तत्त्व, नव पदार्थ और रत्नत्रय का परिचय।
- तीसरा चरण: तत्त्वार्थसूत्र, समयसार, प्रवचनसार और अन्य मूल ग्रंथों का अध्ययन।
- किसी धार्मिक निर्णय या शंका के लिए योग्य दिगम्बर जैन गुरु या विद्वान से मार्गदर्शन लें।