पुरुषार्थसिद्ध्युपाय — मूल संस्कृत पाठ
आचार्य अमृतचन्द्र विरचित पुरुषार्थसिद्ध्युपाय (जिनप्रवचनरहस्यकोष) के 226 श्लोकों का पूर्ण, अनुभागबद्ध और खोजयो...
अभी पढ़ें →दिगम्बर जैन डिजिटल पाठालय
चालीसा, स्तोत्र, पूजा, अर्घ्य और मूल ग्रंथ—हिन्दी या Roman Hindi में खोजकर JainSudha पर ही पढ़ें।
सीधा मार्ग
रोज़ की आराधना से गहरे अध्ययन तक
पूरा पाठ उपलब्ध
आचार्य अमृतचन्द्र विरचित पुरुषार्थसिद्ध्युपाय (जिनप्रवचनरहस्यकोष) के 226 श्लोकों का पूर्ण, अनुभागबद्ध और खोजयो...
अभी पढ़ें →आचार्य नेमिचन्द्र सिद्धान्तचक्रवर्ती के द्रव्यसंग्रह का Sarat Chandra Ghoshal कृत 1917 अंग्रेजी अनुवाद—सभी 58...
अभी पढ़ें →भगवान ऋषभदेव चालीसा का पूर्ण, स्वच्छ और पंक्तिबद्ध हिन्दी पाठ।
अभी पढ़ें →विषय के अनुसार
प्राकृत, संस्कृत और हिन्दी स्तोत्र, स्तुति तथा भक्ति-पाठ
खोलें → 103 सामग्रीपूजा, अर्घ्य, अभिषेक और विधान—स्रोत तथा समीक्षा विवरण सहित
खोलें → डिजिटल ग्रंथ सूचीजैन ग्रंथों के PDF और पुस्तक विवरण
खोलें → 1 सामग्रीदिगम्बर जैन पूजा के अर्घ, महार्घ्य, शांतिपाठ और विसर्जन पाठ
खोलें → 31 सामग्रीदिगम्बर जैन परम्परा, तत्त्वज्ञान, आचार और अध्ययन के स्रोत-संदर्भित हिन्दी लेख
खोलें → 24 सामग्रीदैनिक पाठ, सामायिक, आलोचना, दर्शन, मंगल और विसर्जन पाठ का संग्रह
खोलें → 3 सामग्रीसाइट पर पूर्ण और खोजयोग्य रूप में पढ़ने योग्य दिगम्बर जैन मूल ग्रंथ और ऐतिहासिक अनुवाद।
खोलें → 17 सामग्रीजिनेन्द्र, पंच परमेष्ठी और सिद्धचक्र से संबंधित आरतियाँ तथा स्रोत-संदर्भ
खोलें → 18 सामग्रीजैन भक्ति, वैराग्य और आत्मचिन्तन से जुड़े भजन तथा भजन-संग्रह
खोलें → 45 सामग्रीवर्तमान चौबीसी के सभी 24 तीर्थंकरों तथा अन्य दिगम्बर जैन चालीसा स्रोतों का क्रमबद्ध संग्रह
खोलें →शोध और डिजिटलीकरण
इन रिकॉर्डों का पूरा PDF अभी JainSudha पर उपलब्ध नहीं है। इन्हें शोध और भविष्य के डिजिटलीकरण के लिए अलग रखा गया है।
“सम्यग्दर्शनज्ञानचारित्राणि मोक्षमार्गः”
तत्त्वार्थसूत्र १.१