पुरुषार्थसिद्ध्युपाय — मूल संस्कृत पाठ
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Kamalchand Sogani, Shakuntala Jain
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विवरण और स्रोत →“सम्यग्दर्शनज्ञानचारित्राणि मोक्षमार्गः”
तत्त्वार्थसूत्र १.१