पूरा डिजिटल संग्रह

खोजें

नाम याद न हो तो पाठ की कोई पंक्ति लिखें—हिन्दी, देवनागरी या Roman English में।

111 परिणाम “पाठ” के लिए

पाठ

आराधना-पाठ

कविश्री द्यानतराय (स्नान करते समय बोलना चाहिए) मैं देव नित अरहंत चाहूँ, सिद्ध का सुमिरन करौं | सूरि-गुरु-मुनि तीन पद ये, साधुपद हिरदय धरौं || मैं धर्म...

श्रेणी
पाठ संग्रह
विवरण खोलें →
पाठ

तिथि षोडशी (पखवाड़ा) पाठ

कविश्री द्यानतराय (दोहा) बानी एक नमो सदा, एक दरब आकाश | एक धर्म अधर्म दरब, ‘पड़िवा’ शुद्धि प्रकाश ||१|| (चौपार्इ छन्द) ‘दोज’ दुभेद सिद्ध संसार, संसारी...

श्रेणी
पाठ संग्रह
विवरण खोलें →
पाठ अनुमति प्राप्त

द्रव्यसंग्रह — 1917 अंग्रेजी अनुवाद

आचार्य नेमिचन्द्र सिद्धान्तचक्रवर्ती; अंग्रेजी अनुवाद: Sarat Chandra Ghoshal (1917)

आचार्य नेमिचन्द्र सिद्धान्तचक्रवर्ती के द्रव्यसंग्रह का Sarat Chandra Ghoshal कृत 1917 अंग्रेजी अनुवाद—सभी 58 पद्य, तीन अध्ययन-भागों में।

श्रेणी
मूल ग्रंथ पाठ
विवरण खोलें →
पाठ

श्रावक-प्रतिक्रमण

श्रावक कौन? जो श्रद्धावान हो, विवेकवान हो और क्रियाशील हो| श्रद्धा हो जिनेन्द्र-देव और जिनागम में, विवेक हो अपने कल्याण का, और क्रियाएँ हों अपने कल्या...

श्रेणी
पाठ संग्रह
विवरण खोलें →
पाठ

श्रावक-प्रतिक्रमण (लघु)

ओं नम: सिद्धेभ्य: । ओं नम: सिद्धेभ्य: । ओं नम: सिद्धेभ्य: । चिदानन्दैकरूपाय जिनाय परमात्मने । परमात्मप्रकाशाय नित्यं सिद्धात्मने नम: ।। अर्थ:- उन श्री...

श्रेणी
पाठ संग्रह
विवरण खोलें →