तत्त्वार्थसूत्रम् — मूल संस्कृत पाठ
आचार्य उमास्वामी (उमास्वाति)
मिलती हुई पंक्ति
“॥ तत्त्वार्थसूत्रम् — प्रथम अध्याय ॥”
विवरण खोलें →पूरा डिजिटल संग्रह
नाम याद न हो तो पाठ की कोई पंक्ति लिखें—हिन्दी, देवनागरी या Roman English में।
13 परिणाम “तत्त्वार्थसूत्र” के लिए
आचार्य उमास्वामी (उमास्वाति)
मिलती हुई पंक्ति
“॥ तत्त्वार्थसूत्रम् — प्रथम अध्याय ॥”
विवरण खोलें →JainSudha सम्पादकीय सार
मिलती हुई पंक्ति
“… इसकी तकनीकी अवधि, कर्म-स्थिति और आरोह-अवरोह के लिए गोम्मटसार, षट्खण्डागम, तत्त्वार्थसूत्र तथा उनकी प्रामाणिक टीकाओं का सहारा लें।”
विवरण खोलें →JainSudha सम्पादकीय सार
मिलती हुई पंक्ति
“तत्त्वार्थसूत्र का आरम्भिक सूत्र सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान और सम्यक्चरित्र को मोक्षमार्ग बताता है। इन तीनों को रत्नत्रय या तीन रत्न कहा जाता है।”
विवरण खोलें →मिलती हुई पंक्ति
“।। इति तत्त्वार्थसूत्रे मोक्षशास्त्रे प्रथमोऽध्याय: ।।१।।”
विवरण खोलें →Fulchandra Jain Shastri
Draft metadata import from Jain eLibrary.
विवरण खोलें →A Shantiraja Shastri
Draft metadata import from Jain eLibrary.
विवरण खोलें →Umaswati, Umaswami,Sukhlal Sanghavi,Mohanlal Mehta, Jamnalal Jain
Draft metadata import from Jain eLibrary.
विवरण खोलें →Ghasilal Maharaj,Kanhaiyalal Maharaj
Draft metadata import from Jain eLibrary.
विवरण खोलें →Ghasilal Maharaj,Kanhaiyalal Maharaj
Draft metadata import from Jain eLibrary.
विवरण खोलें →Nirmala Jain
Draft metadata import from Jain eLibrary.
विवरण खोलें →Sagarmal Jain
Draft metadata import from Jain eLibrary.
विवरण खोलें →Atmaramji Maharaj
Draft metadata import from Jain eLibrary.
विवरण खोलें →मिलती हुई पंक्ति
“तत्वार्थसूत्र में श्री उमास्वामी आचार्य ने कहा है कि ‘व्रती को शल्य रहित होना चाहिए”
विवरण खोलें →