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13 परिणाम “तत्त्वार्थसूत्र” के लिए

पाठ स्रोत संदर्भित

चौदह गुणस्थान: आत्मिक विकास का क्रम

JainSudha सम्पादकीय सार

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“… इसकी तकनीकी अवधि, कर्म-स्थिति और आरोह-अवरोह के लिए गोम्मटसार, षट्खण्डागम, तत्त्वार्थसूत्र तथा उनकी प्रामाणिक टीकाओं का सहारा लें।”

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जैन ज्ञान
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पाठ स्रोत संदर्भित

रत्नत्रय: मोक्षमार्ग के तीन आधार

JainSudha सम्पादकीय सार

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तत्त्वार्थसूत्र का आरम्भिक सूत्र सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान और सम्यक्चरित्र को मोक्षमार्ग बताता है। इन तीनों को रत्नत्रय या तीन रत्न कहा जाता है।”

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जैन ज्ञान
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पाठ

सल्लेखना का स्वरूप

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तत्वार्थसूत्र में श्री उमास्वामी आचार्य ने कहा है कि ‘व्रती को शल्य रहित होना चाहिए”

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पूजा संग्रह
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