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29 परिणाम “आरती” के लिए

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नवदेवता-पूजा

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“तुव आरती तम वारती पाऊँ सुज्ञान प्रकाश मैं”

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वीर-प्रभु की आरती

ओं जय सन्मति-देवा, प्रभु जय सन्मति-देवा | वीर महा-अतिवीर, प्रभु जी वर्द्धमान-देवा || ओं जय सन्मति देवा ! त्रिशला-उर अवतार लिया, प्रभु सुर-नर हरषाये |...

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आरती : पंच-परमेष्ठी

कविश्री द्यानतराय (चौपार्इ) इह विधि मंगल आरति कीजे, पंच परमपद भज सुख लीजे | इह विधि मंगल आरति कीजे, पंच परमपद भज सुख लीजे पहली आरति श्रीजिनराजा, भव दध...

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आरती श्री चंद्रप्रभ जिन (तिजारा)

म्हारा चंद्रप्रभ जी की सुन्दर मूरत, म्हारे मन भार्इ जी || म्हारे मन भार्इ जी, म्हारे मन भार्इ जी | म्हारा चंद्रप्रभ जी की सुन्दर मूरत, म्हारे मन भार्इ...

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आरती श्री पार्श्वनाथ जी

ॐ जय पारस देवा, स्वामी जय पारस देवा | सुर नर मुनिजन तुम चरणन की, करते नित सेवा | पौष वदी ग्यारस काशी में, आनंद अतिभारी-2, अश्वसेन वामा माता उर-2, लीनो...

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आरती श्री महावीर प्रभु

ॐ जय सन्मति देवा, प्रभु! जय सन्मति देवा | वर्द्धमान महावीर वीर अति-2, जय संकट छेवा || ॐ जय सन्मति देवा || सिद्धारथ नृप नंद दुलारे, त्रिशला के जाये-2 |...

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आरती श्री महावीर प्रभु (चाँदनपुर)

जय महावीर प्रभो, स्वामी जय महावीर प्रभो | कुंडलपुर अवतारी-2, त्रिशलानंद विभो || ॐ जय महावीर प्रभो || सिद्धारथ घर जन्मे, वैभव था भारी-2, बाल ब्रह्मचारी...

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आरती श्री पार्श्वनाथजी (बड़ागांव

ॐ जय पारस देवा, स्वामी जय पारस देवा | आरति हम सब करते-2, मिले मुक्ति मेवा || बड़ागांव टीले से, स्वप्न दिया तुमने-2 | चमत्कार कर प्रगटे-2, शरण लही हमने...

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श्री सिद्धचक्र की आरती

कवि पं. मक्खनलाल जय सिद्धचक्र देवा, जय सिद्धचक्र देवा | करत तुम्हारी निश-दिन, मन से सुर-नर-मुनि सेवा | जय सिद्धचक्र देवा | ज्ञानावरणी दर्शनावरणी मोह अ...

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