पूरा डिजिटल संग्रह

खोजें

नाम याद न हो तो पाठ की कोई पंक्ति लिखें—हिन्दी, देवनागरी या Roman English में।

111 परिणाम “पाठ” के लिए

पाठ अनुमति प्राप्त

15. भगवान धर्मनाथ चालीसा

मिलती हुई पंक्ति

“उनकी ही मिली प्रेरणा तब, मैंने यह लिखा है चालीसा। इस पाठ के द्वारा धर्म की वर्षा, करो यही है मम इच्छा।। यह धर्म सदा मंगलमय है, इससे ही आगे बढ़ना है। जग के सुख-वैभव भोग पुन:, आध्यात्मिक लक्ष्मी वरना है।।२।।”

श्रेणी
चालीसा संग्रह
विवरण खोलें →
पाठ

विनयपाठ

मिलती हुई पंक्ति

“पूजा प्रारम्भ करते समय नौ बार णमोकार मंत्र पढ़कर, विनय पाठ और मंगल पाठ बोलकर पूजा प्रारम्भ करनी चाहिए”

श्रेणी
पाठ संग्रह
विवरण खोलें →
पाठ

अथ परमर्षि स्वस्ति मंगल विधान

मिलती हुई पंक्ति

“३३.वचनबल ऋद्धि- जीभ, कंठ आदि में शुष्कता एवं थकावट हुए बिना सम्पूर्ण श्रुत का अन्तर्मूहुर्त में ही पाठ कर सकने की शक्ति ।”

श्रेणी
पूजा संग्रह
विवरण खोलें →