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शुभ + लाभ

श्री ऋषभदेवाय नम: | श्री महावीराय नम: | श्री गौतम-गणधराय नम: | श्री केवलज्ञान-लक्ष्म्यै नम: | श्री जिन-सरस्वत्यै नम:। शरशभ मतकरतक कषण अमवसयवर नरवण सवतवकरम सदनक मस ……..(नम) सनई. ……. वर कशर………………….. ……. क…………………….. दकन क……...

जैन ज्ञान MixedDevanagari
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श्री ऋषभदेवाय नम: |
श्री महावीराय नम: |
श्री गौतम-गणधराय नम: |
श्री केवलज्ञान-लक्ष्म्यै नम: |
श्री जिन-सरस्वत्यै नम:।
शरशभ मतकरतक कषण अमवसयवर नरवण सवतवकरम सदनक मस ……..(नम) सनई. ……. वर कशर………………….. ……. क…………………….. दकन क……………………. बहकशभ-महरत कय।
(विधि करानेवाले यह बही दुकान के प्रमुख सज्जन के हाथों में देवें और पुष्प क्षेपें। इसके बाद नीचे लिखा हुआ पद व मंत्र पढ़कर शुभकामना करें और उन सज्जन को फूलमाला पहिनाकर पुष्प-क्षेपण करें)
(वसंततिलका)
आरोग्य बुद्धि धन धान्य समृद्धि पावें |
भय रोग शोक परिताप सुदूर जावें ||
सद्धर्म शास्त्र गुरु भक्ति सुशांति होवे |
व्यापार-लाभ कुल वृद्धि सुकीर्ति होवे ||१||
श्री वर्द्धमान भगवान् सुबुद्धि देवें |
सन्मान सत्यगुण संयम शील देवें ||
नव-वर्ष हो यह सदा सुख-शांतिदार्इ |
कल्याण हो शुभ तथा अति लाभ होवे ||२||
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रूं ह्रौं ह्र: अरिहन्तसिद्धाचार्योपाध्यायसाधव: शांतिं पुष्टिं च कुरु-कुरु स्वाहा ।

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